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Life Insuarance  जीवन बीमा

What is Life Insuarance :- 

जीवन बीमा केवल बीमित व्यक्ति की मृत्यू की अवस्था में उसकी आय से होने वाली हानी  से परिवार को सुरक्षा प्रदान करता है। (A protection against the loss of income that would result if the insured passed away)। आज के दौर में जब शहरों में हर दूसरा व्यक्ति कर्ज लिये मकान में रहता है तो इस अवस्था में जीवन बीमा की अवश्यक्ता और भी बढ़ जाती है।

यूं तो बीमा कितना होना चाहिये यह  हर व्यक्ति के अपने हालात पर निर्भर करता है फिर भी एक साधारण समीकरण के अनुसार आप एक वर्ष में जितना कमाते हैं उस का आठ गुना राशि निकाल लें।  इस में आप अपनी तरल संपत्तियां (Liquid assets) जैसे नकदी, बैंक जमा और म्यूचव्ल फंड आदि  को घटा दें और अपनी देनदारियां जैसे लोन, बच्चों की जिम्मेदारी, अन्य कोई जिम्मेदारी(जैसे छोटी बहन की शादी का खर्चा या घर का कोई अपंग सदस्य जो आप पर निर्भर हो) को इस में जोड़ लें।  इस प्रकार जो राशि आयेगी उतनी राशि का बीमा आपको अवश्य लेना चाहिये। याद रहे कि मुद्रास्फीति का असर क्या होगा यह भी समायोजित(Adjust) कर लें।

यदि आप चाहते हैं कि आप का परिवार किसी भी अनहोनी की अवस्था में इसी रहन सहन ( Living Standard ) को हमेशा के लिये कायम रख सके तो गिन कर देखिये आपको कितने बीमा की आवश्यक्ता हैं  

  • टर्म इन्शोरंस Term Insurance
    • एंडोमेंट प्लान Endowment Plan
    • यूलिप ULIP Unit Linked Insurance Plans
    • मनी बैक पालिसी Money Back Policy

Types of life insurance (जीवन बीमा के प्रकार)

टर्म इन्शोरंस Term Insurance : टर्म इन्शोरंस बेसिक और दूसरे जीवन बीमा प्लान्स के मुकाबले सस्ता इन्शोरंस होता है जिसमें केवल जीवन बीमा कवर दिया जाता है और इसमें दिए गए प्रीमियम या प्रीमियम का कोई भाग निवेश नहीं किया जाता. टर्म इन्शोरंस में एक निश्चित बीमा राशी (the sum assured) बीमा धारक की मृत्यु होने की दशा में लाभार्थी को दी जाती है और पालिसी की अवधी पूरी होने पर पालिसी होल्डर के जीवित होने की दिशा में कुछ भी भुगतान नहीं किया जाता है.

 

एंडोमेंट प्लान Endowment Plan : टर्म प्लान और एंडोमेंट प्लान में सब से बड़ा फर्क होता है मैच्योरिटी बेनिफिट. अर्थात पालिसी की अवधि समाप्त होने पर जब पालिसी मैच्योर होती है तो बीमा धारक को बीमा राशि के साथ बोनस जोड़ कर दिया जाता है. बोनस पालिसी अवधि में हर साल घोषित किया जाता है यदि स्कीम को लाभ प्राप्त होता है तो. आपके द्वारा दिए गए प्रीमियम में से बाकी खर्चे काट कर शेष राशि को निवेश किया जाता है. उसी से प्रॉफिट होने पर बोनस की घोषणा की जाती है. टर्म प्लान की तुलना में एंडोमेंट प्लान का प्रीमियम ज्यादा होता है.

यूलिप ULIP Unit Linked Insurance Plans : यूलिप ULIP बीमा और निवेश दोनों की जरूरतों को पूरा करता है. यूलिप ULIP में आपके द्वारा दिए गए प्रीमियम से बीमा और प्रबंधन के खर्चे और चार्ज काट कर बाकी पैसे निवेश किये जाते हैं. निवेश कैसे फण्ड में कितना करना है यह आप निर्धारित करते हैं.
आप डेब्ट या इक्विटी फण्ड में, अथवा अपने रिस्क को देखते हुए दोनों में मिला जुला निवेश कर सकते है. म्यूच्यूअल फण्ड की तरह यूलिप ULIP में निवेश यूनिट के NAV पर आधारित होता है. आप पालिसी अवधि के दौरान अपने निवेश को उसके प्रदर्शन के अनुसार जांच कर दुसरे फण्ड में ट्रान्सफर भी कर सकते हैं.

मनी बैक पालिसी Money Back Policy : मनी बैक पालिसी Money Back Policy वास्तव में एंडोमेंट प्लान Endowment Plan का ही एक प्रकार है जिसमें बीमा राशि का एक निश्चित हिस्सा बीमा अवधि के दौरान एक निश्चित अवधि के अंतराल में बीमा धारक को अदा किया जाता है. अवधि के अंत में शेष बची बीमा राशि बोनस के साथ अदा कर दी जाते है.

Non-life Insurance – इसमें गाड़ी का, संस्था का, फैक्ट्री का, बिज़नस पार्टनर आदि का बीमा होता हैं |

  • गाड़ी का बीमा एक साल का होता है उसे हर साल कराना पड़ता हैं अगर गाड़ी चोरी हो जाती हैं, तो बीमा कंपनी दूसरी गाड़ी देगी | गाड़ी से दुर्घटना के समय अगर गाड़ी टूट फुट जाती हैं तो बीमा कंपनी उस गाड़ी की मरम्मत करवाएगी | लेकिन पूरी जाँच कर लेने के बाद |
    यह तीन प्रकार के होते हैं 
    1 First Party (गाड़ी , चालक, विक्टिम )
    2 Second Party (गाड़ी , विक्टिम )
    3 Third Party (विक्टिम)
  • संस्था का बीमा हो जाने से जो भी नुकसान होगा उसकी भरपाई बीमा कंपनी ही करेगी जैसे – किसी भी समान का चोरी हो जाना, संस्था में आग लगाने से नुकसान होना आदि
  • फैक्ट्री का बीमा हो जाने से जो भी नुकसान होगा उसकी भरपाई बीमा कंपनी ही करेगी जैसे – गोदान में आग लगने से नुकसान होना, चोरी हो जाना आदि |
  • अगर किसी बिज़नस को चलाने में दो पार्टनर साथ कार्य कर रहे हैं| तो अगर पहले पार्टनर को कुछ हो जाता हैं तो दुसरे पार्टनर को बीमा का पैसा मिल जाता जिससे बिज़नस पर कोई असर नहीं पड़ता |
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